Sharabi Shayari In Hindi साहित्य की एक खास शैली है, जो दर्द, मोहब्बत, तन्हाई और बगावत को शायराना अंदाज में बयां करती है। इसमें शराब एक प्रतीक बन जाती है। कभी किसी टूटे हुए दिल का सहारा, तो कभी मोहब्बत की नाकामियों का जवाब। ग़ालिब से लेकर जौन एलिया तक, कई मशहूर शायरों ने शराब और जाम को अपने शेरों का हिस्सा बनाया है। मुझे लगता है कि आप भी शराबी शायरी हिंदी में पढ़ना पसंद करते हैं इसलिए शराबी शायरी सर्च करते हुए इस पोस्ट तक पहुंचे हैं।
बदनाम शराबी शायरी केवल शराब पीने की बात नहीं करती, बल्कि यह उन जज़्बातों की बात करती है जो इंसान को अंदर तक झकझोर देते हैं। इसमें ग़म को जाम में उड़ेलकर पीने का जिक्र होता है। वो ग़म जो किसी की जुदाई, बेवफाई या जिंदगी की तल्ख़ हकीकतों से पैदा होता है। यह आशिक शराबी शायरी सुनने और पढ़ने वालों को खुद के अनुभवों से जोड़ देती है।
आज के दौर में भी शराबी शायरी दर्द भरी सोशल मीडिया और महफिलों में खूब पसंद की जाती है। युवाओं से लेकर उम्रदराज़ लोगों तक, हर कोई कभी न कभी खुद को किसी शराबी शेर में ढूंढ लेता है। यही इसकी खूबसूरती है जो हर दिल को छू जाती है। यह शराबी शायरी आपके दोस्तों को भी पसंद आएगी और आपकी महफिल में भी चार चांद लगा देगी। इस शराबी शायरी को आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर जरूर लगाए, और सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करें।
Contents
Sharabi Shayari In Hindi

इश्क़ और 🥃शराब में फ़र्क बस इतना है,
शराब सुला देती है, और इश्क़ जगा देता है।

हमने तो पी थी सिर्फ़ उसकी यादों की शराब,
कमबख़्त लोगों ने समझा हम 🍾शराबी हैं।

ना जाम चाहिए, ना शराब चाहिए,
मुझे तो बस तेरा हिसाब चाहिए,
जो तूने दिया है दिल तोड़ने का ग़म,
अब उसका भी कोई जवाब चाहिए।

बोतल से दोस्ती रखी है, अब दिल लगाने की फ़ुर्सत नहीं,
क्योंकि इश्क़ में धोखा मिला, और जाम ने साथ निभाया।

तेरे बिना जीना मुश्किल हो गया है,
हर रात जाम अब अपना हो गया है,
माना शराब बुरी चीज़ है मगर,
तेरी यादों का इलाज और क्या हो गया है।

वो जब रूठी तो हमें जाम से मोहब्बत हो गई,
अब रोज़ उसकी जगह शराब से बात होती है।

शराब तो यूं ही बदनाम है,
सच्ची महफ़िल तो उसकी आँखों में होती है।

जाम भी अब हमें पहचानने लगा है,
हमारी तन्हाई से कुछ कहने लगा है,
हर रोज़ पूछता है, “वो आई थी क्या?”
हम मुस्कुराते हैं, फिर पीने लगते हैं।
शराबी शायरी हिंदी में

तेरे इश्क़ में पीना छोड़ा था,
अब तेरी याद में पीने लगे हैं।

बोतल से लगाकर होंठ, मैं आज भी मुस्कुराता हूँ,
तेरी जुदाई में ये हालात भी निभाता हूँ,
हर जाम में तेरा नाम ही भरता हूँ,
पीकर भी तुझसे वफ़ा निभाता हूँ।

हमसे मत पूछो जुदाई के बाद क्या हाल है,
शराब पीते हैं मगर होश में रहते हैं।

जिसे देखकर दिल मचलता था,
अब उसी के नाम की बोतल खुलती है।

कभी हँसी, कभी आँसू, कभी जाम की कहानी,
हर बोतल में छुपी होती है किसी की निशानी,
शराबी नहीं थे, मगर हालात ऐसे बने,
दिल टूटा तो शराब ने दी ज़िंदगी पुरानी।

कभी शराब में डूबा हुआ देखा है खुद को?
हमने हर जाम में बस तेरा नाम देखा है।

लबों से छू लो तुम ये जाम तो नहीं,
मगर कुछ राहत सी मिलेगी इस दिल को सही।

नशा चाहिए तो इश्क़ कर लो किसी से,
शराब तो यूँ ही बदनाम है जमाने में,
एक बार किसी की बेवफाई झेल लो,
हर जाम फीका लगेगा तीरों के सामने।
बदनाम शराबी शायरी

तेरे बिना ज़िंदगी वीरान सी लगती है,
जैसे बिना जाम के कोई महफ़िल अधूरी सी लगती है।

दर्द का इलाज पूछा किसी हकीम से,
उसने जाम लिखा तेरी तस्वीर के साथ।

शराब से पूछो, वफ़ा क्या होती है,
हर बार गिराकर भी, साथ नहीं छोड़ती।

वो मिला ही नहीं तो कोई गिला भी नहीं,
बस जाम से दोस्ती है, और तन्हाई से मोहब्बत।

शराब में वो असर कहाँ, जो तेरी यादों में है,
एक घूंट पीते ही फिर से वही दर्द जाग उठता है।

वो नशा ही क्या जो आँखों से न चढ़े,
वो इश्क़ ही क्या जो जाम से ना जुड़े,
शराब में हमने खुद को डुबो दिया,
क्योंकि इश्क़ ने हर दरवाज़ा बंद कर दिया।

महफ़िलों में तन्हाई का एहसास कर गया,
जब उसने जाम थाम कर किसी और का नाम लिया।

बिना पिये ही नशा सा है तेरी यादों का,
वरना शराब में वो बात कहाँ।
आशिक शराबी शायरी
जब जब तन्हा हुआ हूँ, जाम ने साथ दिया है,
वरना इस दुनिया ने तो हर मोड़ पर दगा ही दी है।
जिनके इश्क़ में लोग पागल हो जाते हैं,
हमने उन्हीं की याद में शराब को साथी बना लिया।
हमने तो छोड़ दी थी शराब तेरे लिए,
पर तू ही छोड़ गया हमें किसी और के लिए।
कभी खुशी में पीते हैं, कभी ग़म में पीते हैं,
हम तो हर हाल में तेरे नाम पे पीते हैं।
शराब में क्या रखा है, हमें तो तेरी आँखें भाती हैं,
हर जाम से ज्यादा वो प्याली प्याली सी लगती हैं,
कहते हैं लोग नशा शराब में होता है,
हमें तो नशा तेरी बातों से भी चढ़ जाती है।
तेरे इश्क़ की तासीर ही कुछ ऐसी है,
हर जाम में तेरा अक्स नज़र आता है।
शराबी हैं मगर बेवफ़ा नहीं,
कभी किसी और का जाम नहीं छुआ।
हर जाम में सिर्फ़ तेरा ही नाम रखा है,
तेरे बिना जीना मुश्किल जो बना रखा है।
Sharabi Shayari In Hindi 2 Lines
अब मोहब्बत की चाह नहीं,
बस तन्हा रातें और एक बोतल चाहिए।
हमसे न पूछो शराब का नशा कैसा होता है,
तेरी यादों से ही तो हर रात जाम बनता है।
शराब में डूब कर जीने का मज़ा ही कुछ और है,
कम से कम वहां तो तेरी यादें मुस्कुराती हैं।
जिसने इश्क़ में धोखा खाया हो,
वो ही जानता है जाम का सहारा क्या होता है।
कुछ तो कशिश है तेरे इश्क़ में,
वरना शराब से दिल लगाना आसान नहीं था।
नशा शराब में होता तो उतर जाता,
यह तो तेरी यादों का कमाल है जनाब।
तेरी यादों की प्यास अब शराब से बुझती है,
हर जाम में तस्वीर तेरी ही उभरती है,
मुझे क्या ग़म, अब ये आदत बन गई है,
तेरे बगैर जीने की ये राहत बन गई है।
तेरी आँखों से बेहतर कोई शराब नहीं,
हर जाम फीका लगता है तेरे सामने।
शराबी शायरी दर्द भरी
नशा चाहे इश्क़ का हो या शराब का,
अंजाम हमेशा बर्बादी ही होता है।
वो जब पास थी तो जाम छूते नहीं थे,
अब जब दूर है तो बोतल छोड़ते नहीं।
हमसे मत पूछिए मोहब्बत क्या चीज़ है,
हर जाम में उसकी सूरत उतरती है।
तेरी यादों का नशा भी क्या खूब है,
हर रात बिना पिये ही मदहोश कर देता है।
दिल टूटा तो क्या हुआ, जाम अब भी साथ है,
कम से कम कुछ तो वफ़ादार निकला।
जिसके इश्क़ में जाम भी रो पड़े,
समझो उस दर्द की गहराई क्या होगी।
हमने तो इश्क़ में डूब कर पीना सीखा है,
वरना शराब का शौक़ नहीं था हमें।
जाम में बस एक ही तलब होती है – तेरा नाम,
बाकी तो सब बहाना है तन्हाई का।
You May Also Like