इस दुनिया में हर रिश्ता सच्चा नहीं होता। जब तक काम हो, लोग साथ रहते हैं, और जब काम निकल जाए, तो पहचानने से भी इनकार कर देते हैं। ऐसे दोहरे स्वभाव वाले लोगों को हम “मतलबी लोग” कहते हैं। शायरी एक ऐसा माध्यम है जो इन मतलबी लोगों के दोहरेपन को बखूबी बयां करती है। Matlabi Log Shayari के ज़रिए हम अपने दिल की बात दूसरों तक बिना कुछ कहे पहुँचा सकते हैं।
मतलबी लोगों पर लिखी मतलबी लोग शायरी अक्सर तजुर्बे का नतीजा होती हैं। जब किसी अपने से धोखा मिलता है, तब इंसान अंदर से टूट जाता है, और वही दर्द शायरी की शक्ल में बाहर आता है।
मतलबी प्यार शायरी सिर्फ दर्द नहीं, एक सबक भी देती है कि हमें हर किसी पर आँख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। सच्चे रिश्ते वक्त के साथ मजबूत होते हैं, और मतलबी लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए साथ चलते हैं। इसलिए, शायरी के ज़रिए हम न सिर्फ अपनी भावनाओं को शब्द देते हैं, बल्कि दूसरों को भी सजग करते हैं। अगर आपको यह मतलबी लोग शायरी फोटो पसंद आए हो तो इसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें।
Contents
Matlabi Log Shayari

वक़्त के साथ🧔♂️ सब बदल जाते हैं,
कुछ अपने भी मतलबी 💔नजर आते हैं।

मतलबी😞 लोग थे, जो वक्त के साथ बदल गए,
हम आज भी वहीं हैं, मोहब्बत🤤 के साथ खड़े।

आजकल इंसान नहीं, मतलब चलते हैं,
दिल नहीं, दिमाग से रिश्ते पलते हैं।

बेवकूफ थे हम, जो हर किसी को दिल दे बैठे,
न जाने कितनों के मतलब के खिलौने बन बैठे।

मतलबी लोगों की महफ़िल सज गई,
हम जैसे सच्चे वहां क्या करेंगे।

हर बात पे जो खफा हो जाए,
ऐसे रिश्ते वक़्त के साथ खो जाएं।
मतलबी लोग हैं हर मोड़ पे,
चेहरा अलग, इरादा कुछ और दिखाएं।

मतलब के लिए जो साथ आए थे,
आज बिना मतलब के ही पराये हो गए।

जो सामने हँसते हैं,
पीठ पीछे वार करते हैं।
मतलबी लोग हैं ये साहब,
हर रिश्ते को व्यापार करते हैं।
मतलबी लोग शायरी

अब किसी पर ऐतबार नहीं होता,
क्योंकि हर रिश्ता बस मतलब से होता।

जो मतलब के लिए साथ थे,
वो रास्ते बदल गए।
हम तो आज भी वहीं खड़े हैं,
जहाँ से रिश्ते निकल गए।

अब तो शक होने लगा है अपनी सादगी पर,
हर कोई इस्तेमाल करके चला जाता है।

चेहरे पे हँसी, दिल में साजिश,
हर कोई यहाँ दोहरी ज़िंदगी जीता है।
मतलब हो तो साथ,
वरना खुद से भी रिश्ता तोड़ लेता है।

लोग वक़्त के साथ नहीं,
मतलब के साथ बदलते हैं।

ख्वाब थे साथ चलने के,
हकीकत में अकेले रह गए।
मतलब था बस उनका,
हम तो बस वक़्त काटने में रह गए।

मतलबी लोगों से मिलकर ये सीखा,
खामोश रहो, तो सब खुद को सही समझते हैं।

मतलब के रिश्ते निभते हैं जब तक,
जैसे ही काम खत्म, बस अलविदा कह देते हैं।
मतलबी प्यार शायरी

मैंने रिश्तों में वफ़ा ढूंढी,
और लोगों ने मतलब।

जिस दिल में सिर्फ मोहब्बत थी,
अब वो भी मतलबी हो गया है।

तुम्हारा मतलब पूरा हुआ,
और हमारा रिश्ता भी।

रिश्ते अब दिल से नहीं,
मतलब से निभाए जाते हैं।
जरूरत खत्म होते ही,
लोग अनजान बन जाते हैं।

मतलबी लोग क्या समझेंगे दर्द किसी और का,
उन्हें तो अपने मतलब से ही फुर्सत नहीं।

मतलब की दुनिया में दिल हार बैठे,
झूठी बातों में ऐतबार कर बैठे।
अब सीखा है, हर मुस्कुराहट के पीछे,
कोई न कोई मतलब जरूर होता है।

जो हर मोड़ पर बदल जाए,
वो इंसान नहीं, मतलब होता है।

मतलबी लोगों का क्या भरोसा,
आज आपके हैं, कल किसी और के।
मतलबी लोग शायरी फोटो
सब दिखावे की दुनिया है जनाब,
असली दिल सिर्फ इस्तेमाल के लिए होते हैं।
जिसे अपना समझा, वही गैर निकला,
जिसे दिल दिया, वो मतलब का सौदागर निकला।
अब तो हर रिश्ता सौदेबाज़ी सा लगता है,
हर हँसी के पीछे कोई छल का इशारा दिखता है।
सच्चे थे इसलिए ठग लिए गए,
मतलबी होते तो खेल बन जाता।
मतलबी लोग ना रिश्ते निभाते हैं,
ना एहसान याद रखते हैं।
मतलब निकलते ही बदल जाते हैं लोग,
चेहरे पर लगा लेते हैं मासूमियत का रोग।
सच्चे दिलों की यहाँ कदर नहीं,
इस ज़माने में चलती है बस झूठी लोग।
मतलबी लोग हैं यहां हर गली में,
इंसानियत मर गई, मतलब की चली में।
कभी दोस्त, कभी यार बन जाते हैं,
और ज़रूरत पड़ते ही पहचान तक भूल जाते हैं।
चेहरे पर मासूमियत, दिल में फरेब,
मतलबी लोग बस लेते हैं खेल-खेल।
मतलब का जमाना है,
हर रिश्ता अब सौदागर है।
दिल की कीमत कौन समझे,
यहाँ तो सिर्फ जरुरत ही सच्चा प्यार है।
Matlabi Log Shayari 2 Lines
ज़िंदगी की हक़ीक़त को बस इतना ही जाना,
दर्द में अकेले हैं और ख़ुशी में ज़माना।
हर किसी को नहीं मिलता यहाँ सच्चा प्यार,
जो मिल जाए तो फिर न करना इंकार।
समझदार बनो मगर पत्थर दिल मत बनो,
जरूरत हो तो रो लो, मगर कमजोर मत बनो।
जो बदल जाए वो इंसान कैसा,
और जो समझ न सके वो प्यार कैसा।
ग़लतियाँ सब से होती हैं,
माफ़ वही करता है जिसे रिश्तों की क़दर होती है।
ख़ामोशी को मत समझो कमज़ोरी,
जिन्हें बोलना आता है, वो अक्सर चुप रहते हैं।
इंसान जब टूटता है,
तभी समझ आता है कि वो कितना मजबूत था।
रिश्ते निभाना हर किसी के बस की बात नहीं,
परिवार भी टूट जाते हैं ‘मतलब’ की बात नहीं।
मतलबी लोग Status
वक़्त से लड़ो, लोगों से नहीं,
क्योंकि वक़्त बदलता है, लोग नहीं।
जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,
जो चल रहा है पाँव में छाला होगा।
सच्चे लोग दिल से उतरते नहीं,
और झूठे लोग दिमाग से उतरते नहीं।
दुनिया कहती है मतलबी ना बनो,
फिर खुद क्यों हर रिश्ता मतलब से तौलती है?
मतलब खत्म, तो रिश्ता भी खत्म,
यही दस्तूर है इस मतलबी ज़माने का।
वो हमें छोड़कर चले गए,
क्योंकि हमने काम आना छोड़ दिया।
इस मतलबी दुनिया में बस वही टिकता है,
जो हर किसी की ज़रूरत बन जाए।
जो काम के वक्त याद आए,
वो रिश्ते नहीं, सौदे होते हैं।
मतलब खत्म, तो बात भी खत्म,
अब यही असलियत होती है।
हर कोई यहां मासूम सा दिखता है,
मगर अंदर से मतलब की दुकान होता है।